Bhaav Samadhi Vichaar Samadhi - Kaka Bhajans
Bhaav Samadhi Vichaar Samadhi - Kaka Bhajans
Hymn No. 5119 | Date: 15-Jan-1994
दुबारा, दुबारा, दुबारा (2)
Dubārā, dubārā, dubārā (2)

મન, દિલ, ભાવ, વિચાર, યાદ (Mind, Heart, Feelings, Thoughts, Remembrance)

Hymn No. 5119 | Date: 15-Jan-1994

दुबारा, दुबारा, दुबारा (2)

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dubārā, dubārā, dubārā (2)

મન, દિલ, ભાવ, વિચાર, યાદ (Mind, Heart, Feelings, Thoughts, Remembrance)

1994-01-15 1994-01-15 https://www.kakabhajans.org/Bhajan/default.aspx?id=619 दुबारा, दुबारा, दुबारा (2) दुबारा, दुबारा, दुबारा (2)

मिल जाता है आनंद जीवन में तो जब ऐसा,

दिल से उठती है वह आवाज, मिल जाये वह, दुबारा...

टकराती है जीवन में नज़र से नज़र जब ऐसी,

हटती नही नज़र-नज़र से, दिल चाहता है, मिले नज़र ऐसी, दुबारा...

बेकाबू बेबसी की राह पर, जीवन में है तो चलना,

जिन्दादिली से हो तो चलना, मिल जाये जीवन तो ऐसा, दिल चाहता है, दुबारा...

दिल को हर ले जो नज़रें, मुस्कुराता है वह बड़ा प्यारा प्यारा,

दिल में आकर सदा बस जाये, दिल कहता है, दुबारा...

हँस ना सके हम जिस ज़िंदगी में, रोना भी नहीं है ऐसी ज़िंदगी में,

मिल गया जीवन जब इस जग में, दिल चाहता है मिले ना ऐसा, दुबारा...

क्या आन है क्या शान है, हर एक अदा पर तेरी, प्रभु दिल कुर्बान है,

मिले तू तो जीवन में ऐसा, दिल से हमारी यह पुकार है, दुबारा...
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दुबारा, दुबारा, दुबारा (2)

मिल जाता है आनंद जीवन में तो जब ऐसा,

दिल से उठती है वह आवाज, मिल जाये वह, दुबारा...

टकराती है जीवन में नज़र से नज़र जब ऐसी,

हटती नही नज़र-नज़र से, दिल चाहता है, मिले नज़र ऐसी, दुबारा...

बेकाबू बेबसी की राह पर, जीवन में है तो चलना,

जिन्दादिली से हो तो चलना, मिल जाये जीवन तो ऐसा, दिल चाहता है, दुबारा...

दिल को हर ले जो नज़रें, मुस्कुराता है वह बड़ा प्यारा प्यारा,

दिल में आकर सदा बस जाये, दिल कहता है, दुबारा...

हँस ना सके हम जिस ज़िंदगी में, रोना भी नहीं है ऐसी ज़िंदगी में,

मिल गया जीवन जब इस जग में, दिल चाहता है मिले ना ऐसा, दुबारा...

क्या आन है क्या शान है, हर एक अदा पर तेरी, प्रभु दिल कुर्बान है,

मिले तू तो जीवन में ऐसा, दिल से हमारी यह पुकार है, दुबारा...




सतगुरू देवेंद्र घिया (काका)
Lyrics in English Increase Font Decrease Font

dubārā, dubārā, dubārā (2)

mila jātā hai ānaṁda jīvana mēṁ tō jaba aisā,

dila sē uṭhatī hai vaha āvāja, mila jāyē vaha, dubārā...

ṭakarātī hai jīvana mēṁ naja़ra sē naja़ra jaba aisī,

haṭatī nahī naja़ra-naja़ra sē, dila cāhatā hai, milē naja़ra aisī, dubārā...

bēkābū bēbasī kī rāha para, jīvana mēṁ hai tō calanā,

jindādilī sē hō tō calanā, mila jāyē jīvana tō aisā, dila cāhatā hai, dubārā...

dila kō hara lē jō naja़rēṁ, muskurātā hai vaha baḍa़ā pyārā pyārā,

dila mēṁ ākara sadā basa jāyē, dila kahatā hai, dubārā...

ham̐sa nā sakē hama jisa ja़iṁdagī mēṁ, rōnā bhī nahīṁ hai aisī ja़iṁdagī mēṁ,

mila gayā jīvana jaba isa jaga mēṁ, dila cāhatā hai milē nā aisā, dubārā...

kyā āna hai kyā śāna hai, hara ēka adā para tērī, prabhu dila kurbāna hai,

milē tū tō jīvana mēṁ aisā, dila sē hamārī yaha pukāra hai, dubārā...
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Hindi Bhajan no. 5119 by Satguru Devendra Ghia - Kaka
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