Bhaav Samadhi Vichaar Samadhi - Kaka Bhajans
Bhaav Samadhi Vichaar Samadhi - Kaka Bhajans
Hymn No. 9271
ओ इन्सान बन ना नादान, कर ले जीवन में तेरे कर्मों की पहचान
Ō insāna bana nā nādāna, kara lē jīvana mēṁ tērē karmōṁ kī pahacāna


Hymn No. 9271

ओ इन्सान बन ना नादान, कर ले जीवन में तेरे कर्मों की पहचान

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ō insāna bana nā nādāna, kara lē jīvana mēṁ tērē karmōṁ kī pahacāna

1900-01-01 1900-01-01 https://www.kakabhajans.org/bhajan/default.aspx?id=18758 ओ इन्सान बन ना नादान, कर ले जीवन में तेरे कर्मों की पहचान ओ इन्सान बन ना नादान, कर ले जीवन में तेरे कर्मों की पहचान,

जब आया इस जग में कर्मों से, कर ले जीवन में तेरे कर्मों की पहचान।

श्वास-श्वास में, रग-रग में तेरे, छुपे है तेरे ही भगवान,

अब बन न नादान करले तेरे जीवन में तेरे ही भगवान की पहचान।

सुख दुःख तो है बादल जीवनमें, चले जायेगे देकर पल दो पलकी छाँव

बनकर नादान इस जीवन में, दिल से समझ ले आया बनकर दो दिन का मेहमान।

आया है जब जीवन में, दिल से समझ ले आया बनकर दो दिन का मेहमान,

मिला है जीवन में मानव तन अनमोल संपत्ति कर ले प्रभु की पहचान।
https://www.youtube.com/watch?v=uTxUnkbQa4o
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ओ इन्सान बन ना नादान, कर ले जीवन में तेरे कर्मों की पहचान,

जब आया इस जग में कर्मों से, कर ले जीवन में तेरे कर्मों की पहचान।

श्वास-श्वास में, रग-रग में तेरे, छुपे है तेरे ही भगवान,

अब बन न नादान करले तेरे जीवन में तेरे ही भगवान की पहचान।

सुख दुःख तो है बादल जीवनमें, चले जायेगे देकर पल दो पलकी छाँव

बनकर नादान इस जीवन में, दिल से समझ ले आया बनकर दो दिन का मेहमान।

आया है जब जीवन में, दिल से समझ ले आया बनकर दो दिन का मेहमान,

मिला है जीवन में मानव तन अनमोल संपत्ति कर ले प्रभु की पहचान।




सतगुरू देवेंद्र घिया (काका)
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ō insāna bana nā nādāna, kara lē jīvana mēṁ tērē karmōṁ kī pahacāna,

jaba āyā isa jaga mēṁ karmōṁ sē, kara lē jīvana mēṁ tērē karmōṁ kī pahacāna।

śvāsa-śvāsa mēṁ, raga-raga mēṁ tērē, chupē hai tērē hī bhagavāna,

aba bana na nādāna karalē tērē jīvana mēṁ tērē hī bhagavāna kī pahacāna।

sukha duḥkha tō hai bādala jīvanamēṁ, calē jāyēgē dēkara pala dō palakī chām̐va

banakara nādāna isa jīvana mēṁ, dila sē samajha lē āyā banakara dō dina kā mēhamāna।

āyā hai jaba jīvana mēṁ, dila sē samajha lē āyā banakara dō dina kā mēhamāna,

milā hai jīvana mēṁ mānava tana anamōla saṁpatti kara lē prabhu kī pahacāna।
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Hindi Bhajan no. 9271 by Satguru Devendra Ghia - Kaka

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